Delhi New EV Policy 2025: दिल्ली जैसे बड़े और व्यस्त शहर में हर दिन लाखों वाहन चलते हैं। इन्हीं वाहनों से निकलने वाला धुआं हमारी हवा को ज़हरीला बना रहा है। पर अब एक अच्छी खबर सामने आई है दिल्ली सरकार एक नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति लाने की तैयारी में है, जो न सिर्फ दिल्ली की हवा को साफ़ करेगी बल्कि लोगों के लिए सस्ती और टिकाऊ यात्रा का नया रास्ता खोलेगी।
कब तक आ सकती है नई ईवी नीति?

दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान इस बात के संकेत दिए कि ईवी नीति 2.0 मार्च 2026 से पहले कभी भी आ सकती है। उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि यह नीति सिर्फ फरवरी में ही आएगी, यह उससे पहले भी आ सकती है।” उनके इस बयान से यह साफ है कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है और जल्द ही दिल्लीवासियों को इसका लाभ मिलने वाला है।
जनता की राय के आधार पर बनेगी नई नीति
नई नीति को अंतिम रूप देने से पहले सरकार योजना तैयार कर रही है और साथ ही जनता की राय भी ले रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि यह नीति लोगों की जरूरतों को समझते हुए बने, ताकि जब इसे सार्वजनिक किया जाए, तो यह सभी को पसंद आए और एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हो सके।
क्या होंगे नई नीति के मुख्य बिंदु?
इस नई ईवी नीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सरकार:
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ईवी खरीदने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव्स) को और मजबूत बनाएगी
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पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग स्कीम को बढ़ावा देगी
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टैक्स में राहत देने पर विचार कर रही है
इन सबके ज़रिए सरकार का लक्ष्य है कि ईवी अपनाने को ज्यादा से ज्यादा आसान और फायदेमंद बनाया जाए।
चार्जिंग की चिंता होगी खत्म
दिल्ली सरकार की योजना है कि आने वाले समय में फ्लाईओवर के नीचे और हाउसिंग सोसायटीज़ में चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएं, जिससे ईवी चार्ज करना आसान और सुविधाजनक हो सके।
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इस साल 3,500 चार्जिंग पॉइंट्स लगाने की तैयारी है
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2030 तक यह संख्या 13,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य है
CNG ऑटो और पेट्रोल-दोपहिया पर आएगी रोक
ड्राफ्ट नीति में एक और अहम बात सामने आई है सरकार अगस्त 2025 तक सीएनजी ऑटो-रिक्शा को चरणबद्ध तरीके से हटाना चाहती है।
इसके अलावा, 15 अगस्त 2026 के बाद पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले दोपहिया वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने का भी प्रस्ताव है।
इसका सीधा मतलब है कि आने वाले वर्षों में दिल्ली की सड़कें पूरी तरह से ईवी की ओर मुड़ने वाली हैं।
2020 की नीति ने रखी थी मजबूत नींव
दिल्ली सरकार पहले ही 2020 में अपनी पहली ईवी नीति लेकर आई थी, जिसमें 2024 तक 25% नए रजिस्ट्रेशन इलेक्ट्रिक वाहनों के होने का लक्ष्य रखा गया था।
यह नीति अगस्त 2023 में खत्म होनी थी, लेकिन इसे कई बार बढ़ाया गया, और अब जुलाई 2025 तक इसकी मियाद है। नई नीति इसके बाद की राह तय करेगी।
यह सिर्फ गाड़ियों की नहीं, हवा की लड़ाई है

ईवी को बढ़ावा देने के पीछे सरकार का मकसद सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं है यह एक सांस लेने लायक हवा के लिए है, बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए है और उस शहर के लिए है जो हर दिन दम घुटने की कगार पर होता है।
नई ईवी नीति न केवल पर्यावरण के लिए वरदान साबित होगी, बल्कि इससे आम लोगों की जेब पर भी बोझ कम होगा।
Disclaimer: यह लेख दिल्ली सरकार की प्रस्तावित ईवी नीति से जुड़ी जानकारी पर आधारित है। इसमें बताई गई योजनाएं अभी ड्राफ्ट स्तर पर हैं और इनमें समय के साथ बदलाव संभव है। कृपया किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।
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